एक पल सोचा था तेरे साथ बिताने का
एक लम्हा सोचा था तेरे साथ जी जाने का
एक जज़्बात दिल की गहराईयों में ही डूब चला
एक सपना बंद आँखों में ही टूट चला ..
एक उम्र कट चली अब तो तेरे इंतज़ार में
क्यूँ देर की थी मैंने अपने प्यार के इज़हार में
एक रात का सफ़र एक दिन की थी वो डगर
एक एहसास सा था तुझे पा जाने का ..
वर्तिका
एक लम्हा सोचा था तेरे साथ जी जाने का
एक जज़्बात दिल की गहराईयों में ही डूब चला
एक सपना बंद आँखों में ही टूट चला ..
एक उम्र कट चली अब तो तेरे इंतज़ार में
क्यूँ देर की थी मैंने अपने प्यार के इज़हार में
एक रात का सफ़र एक दिन की थी वो डगर
एक एहसास सा था तुझे पा जाने का ..
वर्तिका
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