Friday, 2 March 2012

Poem written by Shilpa Sharma (my friend shivani sister)


जी करता है तारीफ करूँ (TRIBUTE TO SUMITI DI by SHILPA)

आपको ना देखा है 
आपको ना एक क्षण भी निहारा है 
फिर भी जिन शब्दों में आपको जाना है 
जी करता है तारीफ करूँ ! 

पढ़ती तो आप हैं मेरी बहिन संग ही 
पर , आप में है समझदारी की ख्याति उससे भी बड़ी 
जी करता है तारीफ करूँ !

आपकी आँखों की मासूमियत है आपके दिल का आईना 
दिखाई देता है जिसमें सपनो  से भरा कोई सुंदर गहना 
जी करता है तारीफ करूँ !

अपनी भावनाओं की सरिता को 
शब्दों का किनारा देना भी आपको खूब आता है 
जो भी पढता है वोह आनंदित होकर यही कहता है 
की जी करता है तारीफ करूँ !

जो विश्वास का तौफा आपने सोनू को दिया है 
उसे मैंने भी सहर्ष स्वीकारा  है 
तोड़ेंगे आप नहीं , यह विश्वास हमने उसे दिलाया है 

हमेशा इसी तरह रहिएगा 
कभी भी किसी के लिए ना बदलियेगा 
जिससे की ना सिर्फ इन शब्दों में 
बल्कि हर पल मैं आपकी ही तारीफ करूँ !


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