जी करता है तारीफ करूँ (TRIBUTE TO SUMITI DI by SHILPA)
आपको ना देखा है आपको ना एक क्षण भी निहारा है
फिर भी जिन शब्दों में आपको जाआपको ना देखा है आपको ना एक क्षण भी निहारा है
जी करता है तारीफ करूँ !
पढ़ती तो आप हैं मेरी बहिन संग
पर , आप में है समझदारी की ख्याति
जी करता है तारीफ करूँ !
आपकी आँखों की मासूमियत है आपके
दिखाई देता है जिसमें सपनो से भरा कोई सुंदर गहना
जी करता है तारीफ करूँ !
अपनी भावनाओं की सरिता को
शब्दों का किनारा देना भी आपको
जो भी पढता है वोह आनंदित होकर
की जी करता है तारीफ करूँ !
जो विश्वास का तौफा आपने सोनू
उसे मैंने भी सहर्ष स्वीकारा
तोड़ेंगे आप नहीं , यह विश्वास हमने उसे दिलाया है
हमेशा इसी तरह रहिएगा
कभी भी किसी के लिए ना बदलियेगा
जिससे की ना सिर्फ इन शब्दों मे
बल्कि हर पल मैं आपकी ही तारीफ

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